पन्ना जिले में शासकीय विद्यालयों की बदहाल व्यवस्था पर हिंदू युवा वाहिनी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जर्जर भवन, खस्ताहाल शौचालय और पानी की समस्या को लेकर संगठन ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सतना ज़िले के सीएम राइज विद्यालयों की हालत चिंताजनक है। सिंहपुर स्कूल में छत से प्लास्टर गिर रहा है, दीवारों में दरारें हैं और कक्षाएं जर्जर कमरों में चल रही हैं। स्कूल में शिक्षकों की भी भारी कमी है। ऐसे हालात में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों पर संकट है। सरकार के दावों और ज़मीनी सच्चाई में बड़ा अंतर सामने आ रहा है।
सतना जिले के पीएम श्री स्कूलों की जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है। सरकारी नामकरण से भले ही स्कूलों को नया नाम मिला हो, लेकिन हालात वही पुराने हैं- जर्जर भवन, गिरता प्लास्टर, टपकती छतें और लबालब पानी। जानिए कैसे 1547 स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा खतरे में है और प्रशासन अब तक आंखें मूंदे बैठा है।
कोटर तहसील के सरकारी स्कूल जर्जर भवनों, शिक्षकों की गैरमौजूदगी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा खतरे में है, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
पन्ना जिले के लूका पुरवा में बच्चे टीनशेड गुमटी में पढ़ाई कर रहे हैं। जर्जर भवन ढहाया गया लेकिन 9 माह बाद भी नया स्कूल भवन नहीं बना।
रीवा जिले की 71 स्कूलें जर्जर घोषित, कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए 7 दिन में डिस्मेंटल करने के आदेश। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए वैकल्पिक भवनों में शैक्षणिक सत्र चलाने के निर्देश। दोषी पाए जाने पर होगी FIR।


















